संवाददाता मंदीप सिंह की रिपोर्ट-

बीजापुर | सारकेगुड़ा मुठभेड़ की न्यायिक जांच रिपोर्ट आने बाद शुक्रवार को यहां के ग्रामीण प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह समेत तत्कालीन पुलिस अधिकारी आईबी चीफ मुकेश गुप्ता, आईजी लांगकुमेर, एसपी प्रशांत अग्रवाल, टीआई इब्राहिम खान और 190 सीआरपीएफ कोबरा बटालियन के जवानों के खिलाफ बासागुड़ा थाने में एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे| 17 पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने बासागुड़ा थाने में आवेदन दिया है| ग्रामीणों का साथ देने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता हिमांशु कुमार, सोनी सोढ़ी और वकील सारकेगुड़ा भी मौजूद रहें|

गौरतलब है कि सारकेगुड़ा गांव के ग्रामीण धरने पर बैठे है, सभी एफआईआर दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं, वहीं मामले में एसडीओ विनोद मिंज का कहना 2012 में 28-19 जून को सारकेगुड़ा में घटना हुई थी। जहां सीआरपीएफ ने 17 नक्सलियों के मारे जाने का दावा किया था, तत्कालीन सरकार पर आरोप लगने के बाद सरकार ने कमेटी बनाई थी, कमेटी ने हाल ही में वर्तमान सरकार को रिपोर्ट सौंपी है, रिपोर्ट ने मुठभेड़ को फर्जी बताया गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here