
धार। बदनावर के किला परिसर स्थित श्री चिंतामण गणेश मंदिर में भगवान श्री गणेशजी एवं माता रिद्धि-सिद्धि की 15वीं विवाह वर्षगांठ 1 मई को बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाई जाएगी। आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां जोरों पर चल रही हैं और श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल बना हुआ है। मंदिर के पुजारी पंडित श्याम सिद्ध ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी भगवान श्री चिंतामण गणेशजी की विवाह वर्षगांठ विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मनाई जाएगी। कार्यक्रम के तहत शुक्रवार प्रातः भगवान का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद भगवान श्री गणेशजी और माता रिद्धि-सिद्धि का आकर्षक श्रृंगार कर महाआरती संपन्न होगी। तत्पश्चात महाप्रसादी का भोग अर्पित किया जाएगा और दिनभर श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी वितरण किया जाएगा। मंदिर समिति के अनुसार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2011 में पंचदिवसीय धार्मिक उत्सव के दौरान बुद्ध पूर्णिमा के दिन स्वर्ण कलश स्थापना के साथ माता रिद्धि-सिद्धि, लाभ-शुभ, मूषक एवं शिव परिवार की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। उसी अवसर पर भगवान श्री चिंतामण गणेशजी का विवाह उत्सव भी धूमधाम से आयोजित किया गया था। उस समय भगवान की भव्य बारात नगर में निकाली गई थी, जो समीपस्थ ग्राम खेड़ा स्थित मनोज सत्यनारायण के निवास पहुंची थी, जहां वैदिक रीति-रिवाजों के साथ भगवान गणेशजी का विवाह माता रिद्धि-सिद्धि के साथ संपन्न हुआ था। तब से प्रतिवर्ष इस परंपरा को श्रद्धा के साथ निभाया जा रहा है। इस वर्ष भी मंदिर को आकर्षक सजावट, रोशनी और फूलों से सजाया जा रहा है। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में शामिल होकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।







