खूंटाघाट बांध से 1 अप्रैल से पुराने नगर निगम एरिया के 35441 घरों में पानी सप्लाई करने के लिए नगर निगम प्रशासन पूरा जोर लगा रहा है, परंतु इंडियन ह्यूम पाइप के धीमे कार्य के चलते समय पर काम पूरा होने में संशय है। प्रोजेक्ट 34 महीने पहले ही लेट हो चुका है। विगत दिनों बिरकोना ट्रीटमेंट प्लांट के निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता को वहां मात्र 30 मजदूर काम करते मिले। उन्होंने कंपनी के एजीएम को नोटिस देकर टीम बढ़ा कर समय सीमा में कार्य पूर्ण करने कहा है।
अन्यथा कंपनी के विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखने की चेतावनी दी गई है। 4 माह में निगम ने ठेका कंपनी को आठवीं नोटिस दी, परंतु ठेका कंपनी का ढर्रा नहीं बदला। ‘दैनिक भास्कर’टीम ने अमृत मिशन के चल रहे कार्यों की ग्राउंड रिपोर्ट की। मौके पर जो नजर आया, उसके मुताबिक टेक्निकल स्टॉफ सहित हर दिन 100 कर्मचारी लगाने के बावजूद आने वाले 30 दिनों में कार्य पूर्ण होने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही। बता दें कि 301 करोड़ का ठेका दो पार्ट में अक्टूबर 2017 में इंडियन ह्यूम पाइप को दिया गया।
अनुबंध के मुताबिक पार्ट 1 का कार्य 3 अप्रैल 2020 तथा पार्ट 2 का कार्य 4 अक्टूबर 2020 को पूर्ण हो जाना था। दोनों कार्यों के लिए क्रमश: 5/ 6 वें एक्सटेंशन की अवधि 20 नवंबर 2022 थी, जिसे 31 मार्च तक के लिए 30 हजार रुपए प्रति दिन की पेनाल्टी के साथ आगे बढ़ाया गया। इन सबके बावजूद लेटलतीफी अब भी जारी है।
चौबीसों घंटे पानी सप्लाई का सपना टूटा
अमृत मिशन योजना 24 घंटे पानी सप्लाई के लिए बनाई गई। मकसद था कि मीटरिंग के कारण किफायत से इस्तेमाल करेंगे। इसी हिसाब से 18 टंकियों के अतिरिक्त 4 नई टंकियों का निर्माण कराया गया। बांध से सप्लाई के अनुपात में कमी के कारण ये कुछ वर्षों तक संभव नहीं है।
देखिए … मौके की हकीकत तस्वीरें खुद बयां कर रहीं
1. नेटवर्क: प्रोजेक्ट अमृत मिशन 34 महीने पहले पूरा होना था। खूंटाघाट बांध से बिरकोना ट्रीटमेंट प्लांट तक पानी लाने 26.6 किमी पाइप लाइन बिछाने में 64 महीने लग गए। खूंटाघाट से पाइप लाइन प्लांट तक पहुंच चुकी है, परंतु अभी भी 5-7 मीटर का हिस्सा बाकी है।
2. डब्ल्यूटीपी: बांध के पानी को स्वच्छ करने के लिए बिरकोना में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का सिविल वर्क भले ही पूरा हो चुका है, परंतु इलेक्ट्रो मैकेनिकल कार्य अधूरा है। इस के बिना पानी की सफाई नहीं होगी।
3. पानी टंकी: बांध से आने वाले पानी को बिरकोना में स्वच्छ कर शहर में सप्लाई करने दो बड़ी टंकियों का निर्माण कराया जा रहा है। सबसे बड़ी 46.80 लाख लीटर क्षमता की टंकी का कार्य अधूरा है। 20.90 लाख लीटर की दूसरी टंकी से कनेक्शन का दावा किया जा रहा है। वहीं चांटीडीह में 28.50 लाख लीटर की टंकी निर्माण का कार्य अंतिम चरण पर बताया जा रहा है।
4. कनेक्शन: निगम के अंतर्गत 35441 घरों में अमृत मिशन का पानी सप्लाई करने नए कनेक्शन/ वाटर मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रोजेक्ट जब शुरू हुआ था, तब 56251 घरों में नए कनेक्शन का लक्ष्य रखा गया था । दो दिन पहले तक 1612 कनेक्शन लगाने का काम बाकी होने की खबर थी।
मार्च में टेस्टिंग, अप्रैल से सप्लाई की संभावना
“अमृत मिशन के अंतर्गत नल कनेक्शन का कार्य शीघ्र पूर्ण करने कहा गया है। खूंटाघाट से डब्ल्यूटीपी तक नेटवर्क व इलेक्ट्रो, मैकेनिकल कार्य इसी माह पूरा करने कहा गया है। मार्च में टेस्टिंग, कमीशनिंग होगी ताकि अप्रैल से सप्लाई शुरू हो सके। चौबीसों घंटे पानी सप्लाई अहिरन लिंक नहर से खूंटाघाट को पानी मिलने के बाद ही संभव होगी। जल संसाधन विभाग ने इस साल खपत के मुताबिक पूरा पानी देने आश्वस्त किया है।” – कुणाल दुदावत, कमिश्नर, नगर निगम

Author: liveindia24x7



