बहरोड़ के पास ग्राम पंचायत जखराना के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर के नाम तहसीलदार को ज्ञापन दिया। जिसमें सड़क किनारे बने हुए मकानों को नहीं तोड़े जाने की अपील की। ज्ञापन में बताया गया कि अगर जबरदस्ती से उनके मकान तोड़े गए, तो कोई बड़ी अनहोनी होने का अंदेशा रहेगा।
ग्रामीणों के द्वारा जिला कलेक्टर के नाम तहसीलदार को सौंपा गए। ज्ञापन में बताया गया कि उत्तर से पश्चिम दिशा में रास्ते के दोनों तरफ लगभग 300 आवासीय मकान स्थाई रूप से पिछले 50 वर्ष से बने हुए हैं। जिनकी लंबाई करीब 1.5 किलोमीटर सघन आबादी के बीच है। रास्ते की चौड़ाई लगभग 25 फुट है। ग्राम पंचायत सरपंच के द्वारा 175 आवासीय मकानों को तोड़ने के लिए जुबानी घोषणा करवाई जा चुकी है। रास्ते के दोनों तरफ 30 परिवार ऐसे हैं, जो बीपीएल श्रेणी में आते हैं। वे एससी वर्ग में है, जो पिछले 40- 50 वर्षों से स्थाई मकान बनाकर आवास कर रहे हैं।
ग्राम पंचायत के विभिन्न सरपंचों के द्वारा करीब 2 करोड रुपए के विकास कार्य अलग-अलग मद में करवाए गए। ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद, सांसद और विधायक और मनरेगा मद से ग्रेवल सड़क, सीसी सड़क, सीमेंटेड टाइल्स, खरंजा निर्माण कार्य हो चुका है। पूर्व सरपंच रेशमी देवी ने वर्ष 2008 में मकानों को तोड़कर 25 फुट का रोड़ बनाया था। जिसके बाद लोगों ने फिर से आवास बनाकर निवास करने लगे। अब ऐसे में आवास करने वाले लोगों की कोई गलती नहीं है। ज्ञापन में बताया कि हर 5 साल में सरपंच बदली होंगे, आम व्यक्ति को खामियाजा भुगतना पड़ेगा। जिला कलेक्टर से मांग करते हुए कहा कि सरपंच के द्वारा ऐसा अमानवीय कृत्य, तानाशाही की गई, तो किसी भी समय अनहोनी होने का पूरा-पूरा अंदेशा रहेगा।
इस दौरान ज्ञापन में अरविंद, लक्ष्मण सिंह,, राजकुमार दयानंद, संदीप कुमार, कुलदीप सिंह, संजय कुमार, सुबेसिंह, सुरेश कुमार, अनिल कुमार, राजेश कुमार, पवन सिंह, सत्यदेव, सुमित्रा देवी, सपना, अमित कुमार, टिल्लू, ताराचंद, रणधीर, विद्याधर, रामकुमार, नंदलाल, अमित, हरिश्चंद्र, राजेश कुमार, रवि, प्रकाश सहित विभिन्न लोगों ने हस्ताक्षरशुदा पत्र सुपुर्द किया।

Author: liveindia24x7



