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विश्व में आज नरेंद्र मोदी के राज की तारीफों के फुल बांधते लोग नहीं थक रहे

अरविन्द पटेल युवा पत्रकार सांवेर,इंदौर

क्या ये रामराज्य का आगाज तो नही

विश्व में आज नरेंद्र मोदी के राज की तारीफों के फुल बांधते लोग नहीं थक रहे है। भारत देश के मोदी के कार्यों का चारों तरफ डंका बज रहा है । मोदी के नेतृत्व में जो काम देश ने कभी सोचा भी नहीं होगा ऐसे अनमोल काम हो रहे है । जैसे कि क्या भारत में राम मंदिर बनेगा? राम के भारत में राम मंदिर? इंपोसिबल ? लेकिन इंपोसिबल को पॉसिबल कर के दिखाया देश के यशस्वी प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदीने…

भगवान राम 22 तारीख को अयोध्या राम मंदिर में विराजमान हो रहे हैं। देश की राज व्यवस्था इतनी खराब थी कोई सोच भी नहीं सकता था कि भारत के अयोध्या नगर में राम मंदिर बनेगा और प्रभु राम जो उनका स्थान है वहाँ फिर से विराजमान होंगे? एक बात तो है की आज की तारीख में मोदी के सुशासन की दुनिया दीवानी है तो मोदी मयार्दा पुरुषोत्तम भगवान राम के दीवाने है। मोदी ने आज पूरा देश राममय कर दिया है।

छोटे से छोटे बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक लोग राममय हो चुके है। विश्व में बसने वाले भारतीय तो भगवान राम नाम में मग्न हो चुके है लेकिन विश्व में दूसरी जाति के लोग, जिन्होंने हमारे सिद्ध पुरुष राम के बारे में पढ़ा या सुना तो वो भी राम के भक्त बन गये। एक-एक गुणों के भंडार प्रभु राम गुणों के खजाने हैं। पिता के वचन के खातिर १४ साल वनवास जाने वाले भगवान राम का ये देश है। पिता के प्रति अपरंपार श्रद्धा स्नेह के भंडार भगवान राम ने सिर्फ पिता के वचन के खातिर राज का त्याग किया और वनवास की ओर चले गये। सिर्फ़ पिता ने माता को वचन दिया था और वचन के खातिर 14 साल राजपाट का त्याग, कितना बड़ा बलिदान प्रभु राम ने दिया।

देश के कई प्रकार की एक से बढ़कर एक रामायण लिखी गइ है। अंधेरे में से उजाले की तरफ ले कर जाने वाला रामायण अनमोल ग्रंथ है। एक एक परिवार के जो अनमोल पात्र है जैसे माँ , पिता, भाई, भाभी, बहन और राज की प्रजा। कितना अद्भुत प्रेम बताया है रामायण में। कल सुबह राज्याभिषेक होने वाला था वहाँ सुबह प्रभु वनवास की ओर? प्रभु राम ने सिर्फ अनंत उपकारी पिता के लिये ही सब कुछ छोड़ दिया।

अनंत सूखों का भंडार राजसुख का त्याग कर के भगवान राम ने जंगल में एक वनवासी साधु की तरह जीवन जिया। इतिहास गवाह है कि प्रभु राम के पीछे धर्म पत्नी सीता और भ्राता लक्ष्मण ने भी प्रभु का साथ दिया। संसार के सूखों का त्याग करने वाली धर्मपत्नी और भाई का त्याग भी रामायण में सुवर्ण अक्षरों से लिखा गया है। भगवान राम वो ताकत का खजाना थे कि अनेक सिद्धिओ के भंडार महाराजा रावण का भी वद्ध किया। रावणके साथ युद्ध खेलना मतलब मौत को खुद निमत्रण देना लेकिन भगवान राम ने लंका में रावण की सेना सामने रावण को मारा,जो पॉसिबल नहीं था, लेकिन राम ने कर दिखाया। भगवान राम से एक बात तो हमको सीखनी है कि आप चाहे अकेले हो लेकिन आप सच्चे हो तो आप लड़ो, आप की सच्चाई को साथ मिलेगा और कितना भी शक्तिशाली अभिमानी नेता हो उनका अंत निश्चय है वो प्रभु की रामायण में हमने सीखा है। प्रभु राम को लानेवाले को हम वापस लायेंगे लेकिन उनको भी साथ में राम राज्य ले के आना है। राम की बाते करने वाले अब वो दिन दूर नहीं की वो मेरे भारत देश में अब रामराज्य के साथ आयेंगे।

देश के यशस्वी प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी पर विश्व की नजर है तो नरेंद्र मोदी की नजर अब प्रभु राम पर है। भगवान राम , महावीर, कृष्ण, बुद्ध , पयंगबर, नानकको मानने वाले ये पवित्र भूमि पर किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि परम कृपालु परमात्मा भगवान राम अयोध्या में राम मंदिर में विराजमान होंगे? लेकिन वो काम करके दिखाया हम सभी के लाड़ले यशस्वी प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र भाई मोदी ने। अयोध्या में भगवान राम की प्रतिष्ठा होने जा रही है देश पूरा राममय हो चुका है।

चारो तरफ प्रभु राम के अनमोल कार्यों हो रहे है , गुणगान हो रहे है। आओ हम सभी भी मिलकर एक ही बात का जीवन में जिÞक्र करे कि पत्थर भी हीरा बने, हीरों का ये हार बनाये, आओ हम सभी मिलकर प्रभु राम की प्रतिष्ठा का अनमोल महोत्सव मनाये…!

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Author: liveindia24x7

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