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पूरी सावधानी और पारदर्शिता से मतगणना करें

मतगणना कार्य में संलग्न अधिकारियों-कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण अरुण गर्ग चीफ ब्यूरो लाइव इंडिया

सतना 25 मई 2024/लोकसभा निर्वाचन 2024 में सतना संसदीय क्षेत्र की मतगणना 4 जून को प्रातः 8 बजे से शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय व्यंकट क्रमांक-1 सतना में की जायेगी। सतना संसदीय क्षेत्र में शामिल सतना और मैहर जिले के सभी 7 विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना के लिए विधानसभावार कक्ष निर्धारित किए गए हैं। मतगणना के लिए गणना पर्यवेक्षक, गणना सहायक तथा माइक्रो प्रेक्षक तैनात कर दिए गए हैं। इनका दो दिवसीय प्रशिक्षण जिला पंचायत सभागार में दो पालियों में आयोजित किया गया है। प्रशिक्षण के प्रथम दिवस शनिवार को मतगणना के संबंध में निर्देश देते हुए सीईओ जिला पंचायत संजना जैन ने कहा कि मतगणना पूरी सावधानी तथा पारदर्शिता से करें। निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप मतगणना करें। मतगणना के दौरान अपना व्यवहार संयमित रखें। गणना प्रारंभ करने के पूर्व प्रत्येक मतगणना एजेण्ट को वोटिंग मशीन तथा उसकी सील दिखाएं। इसके बाद निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित की गई प्रक्रिया के अनुसार मतगणना करें। मतगणना मशीन में दर्ज तथा पीठासीन अधिकारी के मतपत्र लेखा में दर्ज कुल मतों का मिलान करें। वोटिंग मशीन में यदि ग्रीन पेपर सील टूटी हुई है तो उसे सहायक रिटर्निंग आफीसर के समक्ष प्रस्तुत करें। मतगणना एजेण्टों द्वारा किसी तरह की आपत्ति उठाए जाने पर उसकी जानकारी सहायक रिटर्निंग आफीसर को दें। गणना एजेण्टों को पूरी तरह से आश्वस्त करने के बाद मतगणना करें।

सीईओ ने कहा कि मतगणना दिवस में ही प्रातः 6 बजे सभी को रेण्डमाइजेशन के बाद ड्यूटी आदेश प्रदान किए जाएंगे। सबसे पहले डाक मतपत्रों तथा ईटीपीबीएस की गणना होगी। डाक मतपत्रों की गणना के लिए अलग से दल तैनात रहेगा। डाक मतपत्रों के साथ दिए गए घोषणा पत्र की जांच कर लें। घोषणा पत्र में मत पत्र क्रमांक ठीक होने तथा उचित अधिकारी द्वारा प्रमाणित होने के बाद ही इसे मान्य करें। घोषणा पत्र में मत देने वाले कर्मचारी के हस्ताक्षर होना अनिवार्य है। मतगणना की निगरानी के लिए माइक्रो प्रेक्षक भी तैनात रहेंगे। प्रशिक्षण में बताया गया कि वोटिंग मशीन से मतदान होने के कारण मतगणना में कोई कठिनाई नहीं होगी। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मशीन के परिणाम खण्ड से कुल मत तथा उम्मीदवार को मिले मतों को देखकर निर्धारित प्रपत्र में अंकित करें। गणना एजेण्टों को भी प्रत्येक चक्र में उम्मीदवार को मिले मतों की जानकारी दें। साथ ही निर्धारित प्रपत्र में गणना एजेण्ट के हस्ताक्षर भी प्रत्येक चक्र के परिणाम में कराएं।

मतगणना के लिए तैनात अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर डॉ बीएल गुप्ता तथा अन्य मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में बताया गया कि डाक मतपत्रों की गणना सहायक रिटर्निंग आफीसर के स्तर पर की जाएगी। वोटिंग मशीन में गणना करने के पूर्व उसके सभी एड्रेस टेग तथा सील का निरीक्षण करें। मशीन में अंकित कुल मत की जानकारी मतगणना एजेण्ट को दें। प्रत्येक उम्मीदवार को प्राप्त मतों की जानकारी भी उनके उम्मीदवारों को देते हुए निर्धारित प्रपत्र में दर्ज करें। इसमें एजेण्ट के हस्ताक्षर भी कराएं। सतना लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभावार गणना कक्षों में मैहर और रामपुर बघेलान विधानसभा के मतों की गणना 20-20 टेबिलों पर और अन्य विधानसभा चित्रकूट, रैगांव, सतना, नागौद एवं अमरपाटन के मतों की गणना के लिये 18-18 टेबिलें लगाई जायेंगी। पहली टेबिल पर मतदान क्रमांक एक की मशीन आएगी। इसी तरह मतगणना मतदान केन्द्रवार की जाएगी। जिन केन्द्रों में तकनीकी खराबी के कारण एक से अधिक मशीनों का उपयोग किया गया है, उन्हें भी एक इकाई मानकर ही गणना की जाएगी। प्रत्येक चक्र की गणना करने के बाद प्रत्येक टेबिल की जानकारी सहायक रिटर्निंग आफीसर के पास जाएगी। निर्वाचन आयोग द्वारा तैनात गणना प्रेक्षकों की अनुशंसा के बाद अंतिम रूप से चुनाव परिणामों की घोषणा की जाएगी।

मास्टर ट्रेनर बीएल बागरी और विनोद खरे ने ईवीएम-वीवीपैट मशीन संचालन का हैंड्स ऑन प्रशिक्षण दिया। मास्टर ट्रेनर ने गणना कर्मियों को कंट्रोल यूनिट पर गणना कार्य का प्रदर्शन करके भी दिखाया। जिसमें बताया गया कि किस प्रकार कंट्रोल यूनिट की सील को मतगणना एजेंटों को दिखानी है। उसे हटाकर मशीन में डाले गये वोटों की गिनती कर पत्रक तैयार करना है। फिर उसे आगे एआरओ तक पहुंचाना है। इस दौरान मास्टर ट्रेनर डॉ संजय गुप्ता, डॉ नवीन कुमार, गणना पर्यवेक्षक, गणना सहायक एवं संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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डाक मतपत्रों के मतगणना कार्मिकों का प्रशिक्षण आज

सतना 25 मई 2024/लोकसभा निर्वाचन 2024 की मतगणना 4 जून को की जायेगी। जिसकी शुरुआत डाक मतपत्रों की गणना से होगी। इस संबंध में मतगणना सुपरवाईजर, गणना सहायक एवं माइक्रो आब्जर्वर का प्रशिक्षण 26 मई को अपरान्ह 3 बजे से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित किया गया है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर डॉ बीके गुप्ता और डॉ नवीन कुमार मतगणना कार्मिकों को प्रशिक्षण प्रदाय करना सुनिश्चित करेंगे।

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मतों की गणना में प्रयुक्त प्रत्येक टेबल पर एक गणना अभिकर्ता नियुक्त कर सकेगा उम्मीदवार

मतगणना की तिथि के तीन दिन पहले देना होगा निर्धारित प्रारूप में आरओ को नियुक्ति पत्र

सतना 25 मई 2024/भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चुनाव लड़ रहे प्रत्येक उम्मीदवार को डाक मतपत्रों की गणना टेबिल सहित मतों की गणना में प्रयुक्त टेबिल की संख्या के बराबर गणना अभिकर्ता नियुक्त करने की अनुमति होगी। उम्मीदवार अपनी अथवा अपने निर्वाचन अभिकर्ता की अनुपस्थिति में गणना की प्रक्रिया को देखने के लिये एक अन्य गणना प्रतिनिधि रिटर्निंग ऑफिसर के मेज पर भी नियुक्त कर सकता है।

निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार गणना अभिकर्ता की नियुक्ति फॉर्म-18 में उम्मीदवार को स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा की जानी चाहिए। गणना अभिकर्ता की नियुक्ति के बारे में किसी भी उम्मीदवार या निर्वाचन अभिकर्ता से प्राप्त किए जाने वाले सादे कागज पर अनुरोध को आरओ द्वारा स्वीकार नहीं किया जायेगा। फॉर्म-18 में गणना अभिकर्ता का नाम और पता भरा जाएगा और उम्मीदवार या उसके निर्वाचन अभिकर्ता व्यक्तिगत रूप से उस पर हस्ताक्षर करेंगे। गणना अभिकर्ता को भी इस पर अपने हस्ताक्षर करने होंगे। उम्मीदवार को गणना अभिकर्ता की नियुक्ति के लिये निर्धारित फॉर्म-18 की दो प्रतियाँ अभिकर्ताओं की छायाचित्रों के साथ तैयार करनी होंगी।

आयोग के मुताबिक उम्मीदवार अथवा उसके निर्वाचन अभिकर्ता को फॉर्म-18 की एक प्रति मतों की गणना की तिथि से 3 दिन पहले शाम 5 बजे तक रिटर्निंग ऑफिसर को भेजनी होगी। जबकि इसकी दूसरी प्रति गणना अभिकर्ता को मतगणना के दिन रिटर्निंग ऑफिसर के सामने प्रस्तुत करने के लिये होगी। उम्मीदवारों से फार्म-18 में प्राप्त सूचना के आधार पर रिटर्निंग अधिकारी द्वारा गणना अभिकर्ता के लिए फोटो पहचान पत्र तैयार किये जायेंगे। उम्मीदवार अपने सभी गणना अभिकर्त्ताओं की नियुक्ति एक ही फार्म-18 में भी कर सकते हैं। ऐसे मामले में सभी गणना अभिकर्त्ताओं को उस पर हस्ताक्षर करने होंगे कि उन्होंने गणना अभिकर्त्ता के रूप में अपनी नियुक्ति को स्वीकार कर लिया है।

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फसल अवषेशों को जलायें किसान

सतना 25 मई 2024/कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग ने जिले के किसानों से अपील की है कि नरवाई के निष्पादन के लिये खेतों में आग नहीं लगायें। आग लगाने से जमीन में उपलब्ध सूक्ष्मजीव जो कि मिट्टी को बनाने में सहायक का कार्य करते हैं या सभी लाभदायक सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं। जिससे मिट्टी की उपजाऊ शक्ति कम या नष्ट हो जाती है। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा अधिक उत्पादन प्राप्त करने यांत्रिक कृषि के प्रति किसानों को जागरुक करने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास ने बताया कि एक ओर जहां स्ट्रॉबेलर कृषि यंत्र पराली को खेतों से इकट्ठा कर छोटे-छोटे गठ्ठे बना देता है। वहीं रोटरी मल्चर यंत्र फसल के अवशेषों को छोट-छोटे टुकड़ों में काटकर उन्हें खेत में एक समान रूप से फैला देता है। उन्होंने बताया कि स्ट्रॉबेलर द्वारा एक घंटे में तकरीबन एक एकड़ खेत से पराली को हटाया जा सकता है। साथ ही नरवाई के स्थानांतरण, संग्रहण आदि कार्यों को भी सफलता पूर्वक किया जा सकता है। वहीं रोटरी मल्चर द्वारा गन्ने की फसल के अवशेषों, गेंहूँ और धान के पुआल, बैंचा और मक्का के डंठल से मल्विंग के लिए किया जाता है।

कृषि यंत्रों के इस्तेमाल से प्राप्त किया जा सकता है अधिक उत्पादन

उप संचालक कृषि ने बताया कि किसानों को अरहर, सोयाबीन, मूंग, उड़द, चना, मसूर, मक्का एवं गेहूं जैसी फसलों की बोनी करने के लिए मल्टी क्रॉप-रेज्ड बेड प्लांटर मशीन का उपयोग करना चाहिए। इस मशीन से 20 से 22 इंच चौड़ी एवं 6 इंच ऊंची क्यारियाँ बनती हैं। जो तेज हवा एवं आंधी के प्रभाव से फसलों को सुरक्षित करती हैं। उन्होने बताया कि नरवाई जलाये बिना फसल की बोनी करने के लिये किसान हैप्पी सीडर यंत्र का उपयोग करें। उन्होंने बताया कि हैप्पी सीडर मशीन द्वारा एक घंटे में एक एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में बोनी की जा सकती है। साथ ही फसल में पानी भी कम लगता है। खरपतवार कम होते हैं और उत्पादन भी अधिक होता है। इस यंत्र का उपयोग करने से समय और लागत दोनों की बचत होती है।

उप संचालक कृषि ने बताया कि सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल मशीन किसानों को श्रम की बचत करने में सहायक है। मशीन द्वारा बीज को मिट्टी में निर्धारित गहराई पर बोया जाता है जिससे अंकुरण अधिक होता है। साथ ही उर्वरक को उचित अनुपात में पौधों की जड़ों तक पहुंचाया जा सकता है। इस मशीन द्वारा कम समय में बोनी कर अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कृषि यंत्र स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम की जनकारी देते हुए बताया कि इसके द्वारा फसल अवशेषों को आसानी से खेतों में फैलाकर शीघ्र खाद के रूप में परिवर्तित किया जा सकता है। स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम को कंबाइन हार्वेस्टर में जोड़ा जाता है, यह यंत्र कंबाइन से काटी गई फसल के अवशेषों को छोटे-छोटे टुकड़ों में करके खेतों में बिखेर देता है।

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Author: liveindia24x7