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केशरीपुरा के खेड़ापति मंदिर के लिए 6 लाख की स्थाई संचित निधि स्थापित हुई ! कुमावत समाज के रामेश्वरजी बाथरा ने फिर किया धन का अनुकरणीय समर्पण अरविंद पटेल लाइव इंडिया ब्यूरो जिला इंदौर 9 जुलाई 2024 जिला इंदौर सांवेर 7 जुलाई 2024 नगर के केशरीपुरा में क्षत्रिय मेवाड़ा कुमावत समाज के खेड़ापति हुनमान मंदिर के निरंतर और नियमित रखरखाव और पूजन अर्चन के 6 लाख 10 हजार रूपए की एक स्थाई और संचित निधि की स्थापना हुई है . यह महान सत्कर्म केशरीपुरा के ही धर्मनिष्ठ महादानी रामेश्वरजी बाथरा ने स्वप्रेरणा से किया है . बाथरा केशरीपुरा के ही चारभुजानाथ मंदिर में साढ़े 6 लाख रूपए और श्रीराम मंदिर में तीन लाख रूपए कुछ माह पहले ही अर्पण कर चुके हैं . केशरीपुरा में क्षत्रिय मेवाड़ा कुमावत समाज के 78 वर्षीय वरिष्ठ धर्मनिष्ठ सज्जन रामेश्वरजी बाथरा ने भावना व्यक्त की कि यहाँ के खेड़ापति हनुमान मंदिर का रखरखाव और पूजन अर्चन उनके जीवनकाल के बाद भी पीढ़ी दर पीढ़ी निरंतर और नियमित चलता रहे इसलिए उनने भारतीय जीवन बीमा निगम में निवेश के रूप में 6 लाख 10 हजार रूपए की एक संचित निधि जमा करवा दी है . इस निधि से लगभग 50 हजार रूपए प्रति वर्ष ब्याज मिलता रहेगा जो खेड़ापति हनुमानजी के मंदिर के पूजन और रखरखाव में व्यव किया जाता रहेगा . इसके साथ ही इनका मनोरथ रथ यह भी है कि ये 6.10 लाख रूपए की राशी स्थिर नहीं रहे बल्कि समय और महंगाई के अनुपात में शनैः शनैः बढ़ती भी रहे इसलिए एक और योजना बनाई है कि हर 15 साल में इस राशी में कम से कम 4 लाख रूपए की वृद्धि हो और यह राशी वर्ष दर वर्ष मंदिर के रखरखाव के साथ बढ़ती भी चली जाए . पीढ़ी दर पीढ़ी की व्यवस्था बाथरा ने ये बीमा निगम में ये राशी उनके ज्येष्ठ पुत्र को हेमंत को अपना नामिनी बनाते हुए जमा करवाई है . उनका कहना है कि ये राशी उनके देहावसान के बाद हेमंत के नाम हो जाएगी . हेमंत के बाद हेमंत के पुत्र को नामिनी बनाया जाएगा . इसी तरह पीढ़ी दर पीढ़ी यह निधि जमा तो रहेगी इसी बाथरा खानदान के नाम पर किन्तु इस निधि पर अधिकार केवल खेड़ापति हनुमानजी महाराज का ही रहेगा . इसीलिए ये जानकारी सार्वजनिक भी की जा रही है . पुत्र हेमंत बाथरा ने बताया कि पिता की इस भावना से परिवार के सभी लोग प्रसन्न और अभिभूत हैं . उनने ये भी बताया कि फ़िलहाल खेड़ापति मंदिर में पुजारी के मानदेय और अखंड जोत सहित अन्य खर्च में बमुश्किल 10 हजार रूपए का व्यय ही हो रहा है . इसलिए बीमा निगम में निवेश के रूप में जो निधि संचित की गई है उसके ब्याज में से मंदिर खर्च के बाद जो राशी बचेगी उसे इस प्रकार निवेश करेंगे कि 6 लाख 10 की राशी भी वर्ष दर वर्ष बढ़ती चली जाए . पहले भी कर चुके लाखों अर्पण क्षत्रिय मेवाड़ा कुमावत समाज श्रीकृष्ण मंदिर समिति केशरीपुरा के अध्यक्ष सूर्यकुमार ओस्तवाल ने बताया कि रामेश्वरजी बाथरा ने कुछ वर्ष पूर्व ही अपने खेड़ापति हनुमान मंदिर को लाखों खर्च कर भव्य और आकर्षक स्वरूप दिलवाया था . केशरीपुरा में इसी साल पूर्ण हुए भव्य श्रीचारभुजानाथ मंदिर में भी साढ़े 6 लाख रूपए से अधिक की राशी अर्पित की थी . यहीं पर इसी साल पूर्ण हुए भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण और उसके प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में भी तीन लाख रूपए से अधिक की राशी अर्पित की थी . ख़ास बात ये है कि बाथरा की भगवान के मंदिरों में दिल खोलकर इस तरह अर्पण – समर्पण के सत्कर्म में उनकी पत्नी सुशीलादेवी और दोनों पुत्र हेमंत और अनिल भी प्रसन्नता के साथ सहभागी बनते हैं .

 

 

 

अरविंद पटेल लाइव इंडिया ब्यूरो जिला इंदौर

कुमावत समाज के रामेश्वरजी बाथरा ने फिर किया धन का अनुकरणीय समर्पण

9 जुलाई 2024 जिला इंदौर

सांवेर 7 जुलाई 2024 नगर के केशरीपुरा में क्षत्रिय मेवाड़ा कुमावत समाज के खेड़ापति हुनमान मंदिर के निरंतर और नियमित रखरखाव और पूजन अर्चन के 6 लाख 10 हजार रूपए की एक स्थाई और संचित निधि की स्थापना हुई है . यह महान सत्कर्म केशरीपुरा के ही धर्मनिष्ठ महादानी रामेश्वरजी बाथरा ने स्वप्रेरणा से किया है . बाथरा केशरीपुरा के ही चारभुजानाथ मंदिर में साढ़े 6 लाख रूपए और श्रीराम मंदिर में तीन लाख रूपए कुछ माह पहले ही अर्पण कर चुके हैं .

केशरीपुरा में क्षत्रिय मेवाड़ा कुमावत समाज के 78 वर्षीय वरिष्ठ धर्मनिष्ठ सज्जन रामेश्वरजी बाथरा ने भावना व्यक्त की कि यहाँ के खेड़ापति हनुमान मंदिर का रखरखाव और पूजन अर्चन उनके जीवनकाल के बाद भी पीढ़ी दर पीढ़ी निरंतर और नियमित चलता रहे इसलिए उनने भारतीय जीवन बीमा निगम में निवेश के रूप में 6 लाख 10 हजार रूपए की एक संचित निधि जमा करवा दी है . इस निधि से लगभग 50 हजार रूपए प्रति वर्ष ब्याज मिलता रहेगा जो खेड़ापति हनुमानजी के मंदिर के पूजन और रखरखाव में व्यव किया जाता रहेगा . इसके साथ ही इनका मनोरथ रथ यह भी है कि ये 6.10 लाख रूपए की राशी स्थिर नहीं रहे बल्कि समय और महंगाई के अनुपात में शनैः शनैः बढ़ती भी रहे इसलिए एक और योजना बनाई है कि हर 15 साल में इस राशी में कम से कम 4 लाख रूपए की वृद्धि हो और यह राशी वर्ष दर वर्ष मंदिर के रखरखाव के साथ बढ़ती भी चली जाए .

पीढ़ी दर पीढ़ी की व्यवस्था

बाथरा ने ये बीमा निगम में ये राशी उनके ज्येष्ठ पुत्र को हेमंत को अपना नामिनी बनाते हुए जमा करवाई है . उनका कहना है कि ये राशी उनके देहावसान के बाद हेमंत के नाम हो जाएगी . हेमंत के बाद हेमंत के पुत्र को नामिनी बनाया जाएगा . इसी तरह पीढ़ी दर पीढ़ी यह निधि जमा तो रहेगी इसी बाथरा खानदान के नाम पर किन्तु इस निधि पर अधिकार केवल खेड़ापति हनुमानजी महाराज का ही रहेगा . इसीलिए ये जानकारी सार्वजनिक भी की जा रही है . पुत्र हेमंत बाथरा ने बताया कि पिता की इस भावना से परिवार के सभी लोग प्रसन्न और अभिभूत हैं . उनने ये भी बताया कि फ़िलहाल खेड़ापति मंदिर में पुजारी के मानदेय और अखंड जोत सहित अन्य खर्च में बमुश्किल 10 हजार रूपए का व्यय ही हो रहा है . इसलिए बीमा निगम में निवेश के रूप में जो निधि संचित की गई है उसके ब्याज में से मंदिर खर्च के बाद जो राशी बचेगी उसे इस प्रकार निवेश करेंगे कि 6 लाख 10 की राशी भी वर्ष दर वर्ष बढ़ती चली जाए .

पहले भी कर चुके लाखों अर्पण

क्षत्रिय मेवाड़ा कुमावत समाज श्रीकृष्ण मंदिर समिति केशरीपुरा के अध्यक्ष सूर्यकुमार ओस्तवाल ने बताया कि रामेश्वरजी बाथरा ने कुछ वर्ष पूर्व ही अपने खेड़ापति हनुमान मंदिर को लाखों खर्च कर भव्य और आकर्षक स्वरूप दिलवाया था . केशरीपुरा में इसी साल पूर्ण हुए भव्य श्रीचारभुजानाथ मंदिर में भी साढ़े 6 लाख रूपए से अधिक की राशी अर्पित की थी . यहीं पर इसी साल पूर्ण हुए भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण और उसके प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में भी तीन लाख रूपए से अधिक की राशी अर्पित की थी . ख़ास बात ये है कि बाथरा की भगवान के मंदिरों में दिल खोलकर इस तरह अर्पण – समर्पण के सत्कर्म में उनकी पत्नी सुशीलादेवी और दोनों पुत्र हेमंत और अनिल भी प्रसन्नता के साथ सहभागी बनते हैं .

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Author: liveindia24x7