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नानाखेड़ी वृध्दाश्रम में बुजुर्ग महिलाओं से मारपीट

।।चार महिलाएं घायल वृद्ध आश्रम में भय का वातावरण व्याप्त, नहीं हैं कोई सुरक्षा के इंतजाम,।।

गुना। नानाखेड़ी मंडी क्षेत्र में संचालित होने वाले पुराने वृध्दाश्रम में बुजुर्ग महिलाओं के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। घटना दो दिन पहले रात की बताई जा रही है। आश्रम में घुसे बदमाशों ने वहां मौजूद बुजुर्ग महिलाओं के साथ मारपीट शुरू कर दी। तीन से चार महिलाओं के साथ मारपीट की गई है। कुछ महिलाओं ने भागकर तो कुछ ने यहां-वहां छुपकर किसी तरह अपनी जान बचाई। घटना के बाद वृध्दाश्रम की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। वृध्दाश्रम में रह रही बुजुर्ग महिलाओं ने बताया कि यहां सुरक्षा के लिए कोई चौकीदार भी तैनात नहीं है। वृद्धाश्रम में रहने वाली एक अम्मा ने बताया कि घटना देर रात की है। कुछ लोग आश्रम में घुस गए और मारपीट करना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि कलावाई,तेजा वाई, गूंगी वाई और संपत वाई के साथ मारपीट हुई। घटना के बाद संपत वाई और गूंगी वाई को कैंट थाने के पीछे बने बनाए गए नए वृध्दाश्रम में छोड़ा गया है। दोनों के चेहरे पर चोट और सूजन आई है। मारपीट करने के बाद यहां से लोग भाग खड़े हुए। घटना के बाद यहां रह रही वृद्धाओं में भय व्याप्त है। वहीं इस घटना के पीछे बदमाशों का उद्देश्य यहां चोरी करना है या फिर इन वृद्धाओं को डरा धमकाकर यहां से भगाना मुख्य कारण इस आशय की जांच भी आवश्यक है। बताया जा रहा है कि कैंट क्षेत्र के वृध्दाश्रम में ये बुजुर्ग महिलाएं रह रही थी। लेकिन कुछ दिन पहले ही ये वापस नानाखेड़ी वाले पुराने वृध्दाश्रम में लोट आई हैं। जहां ये घटना घटित हो गई उक्त घटना के मामले में समाज सेवी प्रमोद भार्गव ने बताया कि इस मामले में संबंधित थाना प्रभारी केंट टी को मामले में कार्रवाई करने हेतु फोन किया गया परंतु वृद्ध आश्रम पर आज दिनांक तक केंद्र थाना पुलिस वृद्ध महिलाओं की तरफ से एफ आई आर करने या जानकारी लेने नहीं पहुंची है। वही इस घटना में घायल बुजुर्ग महिलाएं थाना पहुंचकर अपनी शिकायत करने में समर्थ है क्योंकि उम्र के आखिरी पड़ाव पर घर से त्यागी हुई महिलाएं परिवार के अपमान के बाद वृद्ध आश्रम पहुंचकर चयन की जिंदगी गुजारना चाहती हैं जिनके ना तो चलने फिरने की बस की है और ना ही कुछ और इसके बाद भी संबंधित थाने में सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा स्वीकार किए जाने पर ना तो खबर लेकर जाने तक संबंधित केंद्र थाने की टीम पहुंची है और ना ही कोई आल्हा अधिकारियों ने वृद्ध महिलाओं की खोज खबर ली है जबकि उक्त मामले में सामाजिक कार्यकर्ता प्रमोद भार्गव का कहना है की घटना के बाद केंद्र थाना प्रभारी को दो से तीन बार फोन लगा दिया है परंतु अब तक पुलिस महिलाओं के ना तो बयान लेने पहुंची है और ना ही फिर करने पहुंची है जबकि शासन की एक बड़ी योजना जो कि शिवराज सिंह चौहान ने बनाई थी और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने महिलाओं एवं आहए जनों के लिए घर पर पहुंच कर एफ आई आर करने के नियम बनाए थे। जोकि ताख में रखे नजर आ रहे हैं और पीड़ित वृद्ध महिलाओं की कोई सुनवाई नहीं हो रही है तो वहीं वृद्ध आश्रम में बका वातावरण व्याप्त है।।   

इनका कहना हे

मुझे कोई कोई जानकारी नहीं है वृद्ध आश्रम में महिलाओं के साथ मारपीट की गई है इस मामले में सूचना मिलने पर में दो बार वृद्ध आश्रम में सब इंस्पेक्टर को भेज चुका हूं परंतु वहां पर कोई नहीं मिला है महिलाओं को मेडिकल कराने के लिए थाने पर आना पड़ेगा बाकी मैं दोबारा से वृद्ध आश्रम जांच के लिए स्टाफ को भेज रहा हूं।

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Author: liveindia24x7

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